आजकल कम उम्र में भी चेहरे पर झुर्रियाँ और फाइन लाइन्स दिखाई देने लगी हैं। सोशल मीडिया पर एलोवेरा, नारियल तेल, शहद, ऑर्गेनिक हल्दी और ग्रीन टी जैसे घरेलू उपायों को लेकर कई दावे किए जाते हैं। कोई इन्हें “प्राकृतिक बोटॉक्स” बताता है तो कोई बिना किसी दवा के झुर्रियाँ खत्म करने का दावा करता है। लेकिन क्या इन दावों के पीछे कोई वैज्ञानिक आधार भी है? क्या सच में घरेलू उपाय झुर्रियों को कम कर सकते हैं?
आजकल कई herbal skincare brands उपलब्ध है, जो आयुर्वेदिक तरीके से झुर्रियां कम करने में उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। इन उत्पदों में पाकृतिक तत्वों का मिश्रण होता है, जो आपको साइड इफेक्ट से बचाते हुए, बेहतरीन परिणाम देता है। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि उपलब्ध उत्पादों में किसी रासायनिक तत्व का तो मिश्रण नहीं है।
कई लोग घर पर भी नारियल तेल, शहद और हल्दी से फेस मास्क तैयार करते हैं। उन्हें भी इस बात का ख्याल रखना बेहद जरूरी हो जाता है कि जो शहद, या हल्दी आप उपयोग में ले रहे हैं, वह शुद्ध रूप से प्राकृतिक है या नहीं, उसमें करक्यूमिन भरपूर मात्रा में पाया जाता हो।
प्राकृतिक तरीके से उगायी जाने हल्दी में औसतन 3 से 5 प्रतिशत ही करक्यूमिन होता है, हालांकि कुछ विशेष किस्मों और उन्नत जैविक खेती पद्धतियों से उगाई गई हल्दी में यह मात्रा अधिक हो सकती है। यह त्वचा के लिए अत्यंत ही लाभदायक होती है।
विशेषज्ञों के अनुसार त्वचा पर उपयोग के लिए शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण हल्दी का चयन करना महत्वपूर्ण है। बाजार में उपलब्ध कुछ उत्पादों में करक्यूमिन की मात्रा अपेक्षाकृत बेहद कम होती है या उनकी गुणवत्ता एक समान नहीं होती।
इसलिए ऐसी हल्दी का चयन करना बेहतर माना जाता है जो विश्वसनीय स्रोत से प्राप्त हो और जिसमें अनावश्यक रासायनिक मिलावट न हो। अगर आप उच्च गुणवत्ता वाली हल्दी की तलाश में है, तो आप बायोआयुर्वेदा की High Curcumin Organic Turmeric Powder का ही उपयोग करें। इसमें 10 प्रतिशत तक करक्यूमिन पाया जाता है। करक्यूमिन (Curcumin) एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट और सूजन-रोधी (Anti-inflammatory) यौगिक माना जाता है।
त्वचा की देखभाल में करक्यूमिन त्वचा को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने, त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने और प्राकृतिक निखार बनाए रखने में सहायक माना जाता है। इसके अलावा भी Bio Ayurveda त्वचा की देखभाल और hydration के लिए ऐसे products उपलब्ध करवा रहे हैं, जो आयुर्वेद पद्धति से निर्मित किए गए हैं। जिन्हें लोग अपनी daily skincare Product को routine का हिस्सा बना रहे हैं।
इस विषय पर दुनिया भर में कई शोध किए गए हैं। इस लेख में उन्हीं विश्वसनीय रिसर्च और मेडिकल जर्नल में प्रकाशित अध्ययनों के आधार पर जानकारी दी गई है।
आखिर झुर्रियाँ होती क्यों हैं?
मारी त्वचा में कोलेजन और इलास्टिन नाम के प्रोटीन पाए जाते हैं। यही त्वचा को कसाव और लचीलापन देते हैं। उम्र बढ़ने के साथ इनकी मात्रा कम होने लगती है, जिससे त्वचा ढीली पड़ने लगती है और झुर्रियाँ दिखाई देने लगती हैं।
इसके अलावा कई दूसरी चीजें भी त्वचा की उम्र बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाती हैं, जैसे:
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तेज धूप
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धूम्रपान
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तनाव
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कम नींद
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पानी की कमी
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गलत खानपान
त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार धूप से होने वाला नुकसान, जिसे फोटोएजिंग कहा जाता है, झुर्रियों का सबसे बड़ा कारण माना जाता है।1
एलोवेरा: क्या सच में झुर्रियों पर असर करता है?
एलोवेरा का उपयोग वर्षों से त्वचा की देखभाल में किया जाता रहा है। इसे ठंडक देने वाला और त्वचा को नमी पहुँचाने वाला पौधा माना जाता है। लेकिन वैज्ञानिक शोधों में भी इसके कुछ सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। 2009 में प्रकाशित एक अध्ययन में 45 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को 90 दिनों तक एलोवेरा दिया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि इससे त्वचा की लोच में सुधार हुआ और चेहरे की झुर्रियाँ कुछ कम दिखाई दीं। वैज्ञानिकों का मानना है कि एलोवेरा त्वचा में कोलेजन बनने की प्रक्रिया को बढ़ाने में मदद कर सकता है। हालांकि यह अध्ययन छोटा था, इसलिए विशेषज्ञ अभी और बड़े शोध की आवश्यकता बताते हैं। 2
एलोवेरा लगाने की विधि
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सबसे पहले ताजा एलोवेरा की पत्ती लें और उसका जेल निकाल लें।
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यदि ताजा पत्ती उपलब्ध न हो तो बाजार में मिलने वाला शुद्ध एलोवेरा जेल भी उपयोग किया जा सकता है।
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चेहरा साफ पानी से धोकर सुखा लें, फिर उंगलियों की मदद से जेल को पूरे चेहरे पर हल्के हाथों से लगाएँ।
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लगाने के बाद 2–3 मिनट तक हल्की मालिश करें ताकि जेल त्वचा में अच्छे से समा सके।
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इसे लगभग 15–20 मिनट तक चेहरे पर लगा रहने दें। इसके बाद सादे पानी से चेहरा धो लें।
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नियमित रूप से सप्ताह में 3–4 बार इसका उपयोग किया जा सकता है।
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संवेदनशील त्वचा वाले लोग पहले हाथ पर patch test जरूर करें।
नारियल तेल: नमी देता है, लेकिन क्या झुर्रियाँ हटाता है?
नारियल तेल त्वचा को मुलायम बनाने के लिए काफी लोकप्रिय है।
यह त्वचा में नमी बनाए रखने में मदद करता है, जिससे सूखी त्वचा और हल्की रेखाएँ थोड़ी कम दिखाई दे सकती हैं।
हालांकि अब तक ऐसा कोई मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है जो यह साबित करे कि नारियल तेल गहरी झुर्रियों को खत्म कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार इसका सबसे बड़ा फायदा मॉइस्चराइजिंग है।
उपयोग की विधि
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रात में सोने से पहले चेहरा अच्छी तरह साफ कर लें।
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इसके बाद हथेली पर 2–3 बूंद वर्जिन नारियल तेल लें और उंगलियों की सहायता से चेहरे पर हल्के हाथों से ऊपर की दिशा में मालिश करें।
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विशेष रूप से आंखों के आसपास और माथे की रेखाओं पर धीरे-धीरे मसाज करें।
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तेल को पूरी रात लगा रहने दें और सुबह हल्के फेसवॉश या पानी से चेहरा धो लें।
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यदि आपकी त्वचा बहुत अधिक oily है तो इसका उपयोग कम मात्रा में करें।
आयुर्वेदिक और chemical-free ingredients
आज के समय में पूरी तरह शुद्ध और प्राकृतिक एलोवेरा या नारियल तेल मिलना आसान नहीं माना जाता। बाजार में कई ऐसे products मौजूद हैं जिनमें artificial fragrance, preservatives और दूसरे chemicals मिलाए जाते हैं। इसलिए skincare products चुनते समय ऐसे विकल्पों को प्राथमिकता देना बेहतर माना जाता है जो आयुर्वेदिक और chemical-free ingredients पर आधारित हों।
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ऐसे में BioAyurveda के herbal skin care products को एक विकल्प के रूप में देखा जा सकता है।
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विशेष रूप से नारियल तेल, एलोवेरा और आंवला जैसे प्राकृतिक ingredients से बने CELLULAR RESTORATIVE BALANCING NIGHT FACE CRÈME त्वचा को nourishment और hydration अत्यधिक सहायक है।
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नियमित skincare routine में ऐसे Ayurvedic products को शामिल करना त्वचा की देखभाल के लिए उपयोगी हो सकता है।
शहद: त्वचा को नमी और चमक
शहद को प्राकृतिक मॉइस्चराइजर माना जाता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो त्वचा को नुकसान पहुँचाने वाले तत्वों से कुछ हद तक बचा सकते हैं। शहद त्वचा को मुलायम और नम बनाए रखने में मदद करता है, लेकिन झुर्रियाँ कम करने पर अभी सीमित वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद हैं।
उपयोग की विधि
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एक चम्मच शुद्ध शहद लें। चाहें तो इसमें 2–3 बूंद गुलाबजल भी मिला सकते हैं।
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अब इसे चेहरे पर पतली परत में लगाएँ।
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लगभग 10–15 मिनट तक इसे चेहरे पर लगा रहने दें ताकि त्वचा इसे अच्छी तरह absorb कर सके।
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इसके बाद गुनगुने पानी से चेहरा धो लें और मुलायम तौलिये से हल्के हाथों से पोंछ लें।
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सप्ताह में 2–3 बार इसका उपयोग किया जा सकता है।
दही, बेसन और हल्दी फेस पैक
घरेलू नुस्खों में दही और बेसन का उपयोग लंबे समय से किया जाता रहा है। इसमें यदि थोड़ी मात्रा में हल्दी भी मिला दी जाए तो यह त्वचा के लिए और अधिक फायदेमंद माना जाता है। हल्दी में ऐसे गुण पाए जाते हैं जो त्वचा को साफ रखने और natural glow बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।
दही में मौजूद लैक्टिक एसिड त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद कर सकता है, जबकि बेसन त्वचा की सफाई में उपयोगी माना जाता है। हल्दी त्वचा को ताजगी और निखार देने में सहायक हो सकती है।
सामग्री
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1 चम्मच दही
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1 चम्मच बेसन
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1 चुटकी हल्दी
उपयोग की विधि
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एक साफ कटोरी में दही, बेसन और हल्दी मिलाकर गाढ़ा पेस्ट तैयार करें।
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चाहें तो इसमें थोड़ा सा गुलाबजल भी मिला सकते हैं।
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अब इस पेस्ट को चेहरे और गर्दन पर समान रूप से लगाएँ।
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इसे लगभग 15–20 मिनट तक सूखने दें।
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जब पैक हल्का सूख जाए तो हल्के हाथों से मसाज करते हुए पानी से धो लें।
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यह फेस पैक सप्ताह में 2 बार लगाया जा सकता है।
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नियमित उपयोग से त्वचा साफ, मुलायम और ताजा महसूस हो सकती है।
दही और बेसन जैसी चीजें आज भी घरों में आसानी से मिल जाती हैं और अक्सर लोग इन्हें बिना ज्यादा मिलावट के उपयोग कर लेते हैं। लेकिन हल्दी के मामले में विशेष सावधानी बरतना जरूरी है। त्वचा पर लगाने के लिए हल्दी का शुद्ध और प्राकृतिक होना आवश्यक माना जाता है, क्योंकि मिलावटी या रासायनिक रंगों वाली हल्दी कुछ लोगों में त्वचा की जलन, एलर्जी, लालिमा या अन्य दुष्प्रभाव पैदा कर सकती है। इसलिए फेस पैक में हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाली, प्राकृतिक और रसायन-मुक्त हल्दी का ही उपयोग करना चाहिए।
ऑर्गेनिक और केमिकल-फ्री
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कई लोग ऑर्गेनिक और केमिकल-फ्री विकल्पों को प्राथमिकता देते हैं।
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उदाहरण के लिए, Bio Ayurveda के High Curcumin Organic Turmeric Powder को फेस पैक में उपयोग किया जा सकता है।
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इसमें उच्च मात्रा में प्राकृतिक करक्यूमिन (Curcumin) पाया जाता है, जो हल्दी का प्रमुख सक्रिय तत्व माना जाता है।
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ऑर्गेनिक तरीके से तैयार की गई यह हल्दी रासायनिक अवशेषों से मुक्त होने का दावा करती है, इसलिए त्वचा की देखभाल के घरेलू नुस्खों में इसे एक बेहतर विकल्प के रूप में चुना जा सकता है।
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दही, बेसन और गुलाबजल के साथ इसका उपयोग त्वचा को साफ, ताजा और प्राकृतिक निखार देने वाले फेस पैक के रूप में किया जा सकता है।
सनस्क्रीन: सबसे ज्यादा भरोसेमंद उपाय
घरेलू नुस्खों से अलग, सनस्क्रीन पर सबसे मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद हैं। एक बड़े clinical trial में पाया गया कि जो लोग नियमित रूप से सनस्क्रीन लगाते थे, उनमें त्वचा की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया काफी धीमी रही। शोधकर्ताओं ने साफ कहा कि नियमित सनस्क्रीन उपयोग त्वचा की एजिंग को कम कर सकता है।3
उपयोग की विधि
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घर से बाहर निकलने से लगभग 15–20 मिनट पहले SPF 30 या उससे अधिक वाला सनस्क्रीन चेहरे, गर्दन और हाथों पर लगाएँ।
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यदि आप लंबे समय तक धूप में रहते हैं तो हर 2–3 घंटे में सनस्क्रीन दोबारा लगाना बेहतर माना जाता है।
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Bio Ayurveda की SPF 30 और SPF 60 काफी फायदेमंद है, आप इनका भी उपयोग कर सकते हैं।
रेटिनॉइड्स पर क्या कहती है रिसर्च?
Vitamin A से बने Retinoids को वैज्ञानिक शोधों में झुर्रियों के लिए सबसे प्रभावी उपचारों में माना गया है। कई अध्ययनों में पाया गया कि ये त्वचा में कोलेजन बढ़ाने और fine lines कम करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि इनके उपयोग से शुरुआत में जलन और dryness जैसी समस्याएँ हो सकती हैं, इसलिए इन्हें डॉक्टर की सलाह से उपयोग करना बेहतर माना जाता है।4
धूम्रपान और झुर्रियाँ
रिसर्च यह भी बताती है कि धूम्रपान त्वचा को तेजी से बूढ़ा बनाता है। इससे त्वचा में खून का प्रवाह कम होता है और कोलेजन को नुकसान पहुँचता है। यही कारण है कि धूम्रपान करने वालों में झुर्रियाँ जल्दी दिखाई देती हैं।5
आखिर सच क्या है?
वैज्ञानिक शोधों के अनुसार घरेलू उपाय त्वचा को नमी देने, त्वचा को स्वस्थ रखने और हल्की रेखाओं को कम दिखाने में मदद कर सकते हैं। लेकिन गहरी झुर्रियों को पूरी तरह हटाने के मजबूत प्रमाण अभी उपलब्ध नहीं हैं।
त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार अब तक सबसे प्रभावी बातें ये मानी जाती हैं:
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रोज सनस्क्रीन लगाना
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अच्छी नींद लेना
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धूम्रपान से बचना
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संतुलित भोजन करना
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त्वचा को नियमित नमी देना
घरेलू उपाय सहायक हो सकते हैं, लेकिन गंभीर झुर्रियों के लिए वैज्ञानिक उपचार और त्वचा विशेषज्ञ की सलाह अधिक प्रभावी मानी जाती है।